Earthquake क्यों आता है ? Einstein Pain Wave explained in hindi

भूकंप

भूकंप या earthquake कैसे आता है , इस बारे में आपको अनेकों जगह जानने को मिलेगा |

लेकिन भूकंप आखिर क्यों आता है , इसका कारण हम आप को बताएँगे |

पहले हम आपको बताएँगे की आखिर भूकंप कैसे आता है ? और फिर यह भी बताएँगे की भूकंप क्यों आता है ?

Modern Science यह तो जानता है कि भूकंप कैसे आता है ?

लेकिन “क्यों” का जवाब फ़िलहाल Modern Science के पास नहीं है |

हम क्यों और कैसे दोनों की विवेचना करेंगे |

भूकंप कैसे आता है इसके लिए सबसे पहले ये जानना जरुरी है की पृथ्वी की structure कैसी है ?

पृथ्वी की Structure

भूकंप,Einstein Pain wave

हमारी पृथ्वी की Structure को चार भाग में devide कर सकते हैं , ये चार parts है

  1. Inner Core
  2. Outer Core
  3. Mental
  4. Earth Crust

Inner core ठोस अवस्था में होता है और outer core तरल अवस्था में होता है , अत्यधिक दबाव के कारण inner core ठोस होता है जबकि इसका तापमान सूर्य की surface जितना होता है , Mental Core ठोस होता है लेकिन mental core के अत्यधिक तापमान के कारण इसमें पाया जाने वाला Silicate Ductile अवस्था में होता है यानि की इसे आप semi-solid जैसा समझ सकते हैं |



इसलिए इसमें बहाव होता है ,यह flow कर सकता है |

तीसरा भाग है , earth crust , यह सबसे ऊपर का भाग है |

यह मुख्य रूप से सात भागों में बंटा हुआ है , जिन्हे हम Tectonic plates कहते हैं |

ये tectonic plates लगातार गति करती रहती है |

इन्ही tectonic plates के टकराने से भूकंप आता है , लेकिन ये टकराती क्यों है और कैसे टकराती है ?

आइये जानते हैं |

भूकंप कैसे आता है ?

हमने पृथ्वी की संरचना को जान लिया |

अब हम यह जानेंगे कि पृथ्वी पर भूकंप कैसे आता है इसकी process क्या है ?
वास्तव में पृथ्वी की mental core में से लगातार earth crust की तरफ convection current उठती रहती है |

जिसके कारण tectonic plates प्रभावित होती है |

tectonic plates की गति में फर्क आता है , और इस कारण कहीं कहीं पर ये tectonic plates एक दूसरे पर खिसकती है , और कहीं कहीं एक दूसरे से टकराती है |

इसके एक दूसरे से टकराने के कारण vibrations पैदा होते है

ये Vibrations अलग अलग waves के रूप में आते हैं जिन्हे मुख्य रूप से तीन प्रकार की waves में बांटा गया है |

  1. P Wave
  2. S Wave
  3. Surface waves

इन waves के कारण ही earth crust में कम्पन होता है , कहीं कहीं जमीन में दरार आती है |

इन्ही के कारण भूकंप आता है जिसमे हमें चीजें हिलती दिखाई देती है और कम्पन महसूस होता है |

 ये vibrational waves earth crust में बिलकुल वैसा ही कम्पन करती है जैसे आपको मोबाइल vibrate होने पर हिलता है |

Convection Current क्या है ?

यहाँ convection current को समझने की जरुरत है |

असल में हम जानते है की कोई भी हल्की चीज ऊपर की तरफ उठती है और भारी चीज नीचे की तरफ गुरुत्वाकर्षण के कारण जाती है |

असल में mental core में जो liquid part होता है वो अधिक temperature के कारण हल्का होकर ऊपर की तरफ उठता है किसी गैस की तरह और जब वो Earth Crust से टकराता है या उसके सम्पर्क में आता है तब उसकी heat release होने से उसका temperature कम हो जाता है और भारी होने से वो नीचे की तरफ आता है , इस तरह ये cycle चलता रहता है , इसे ही convection current कहते हैं |

इसी के कारण tectonic plates टकराती है |



लेकिन भूकंप क्यों आता है ?

हमने यह तो जान लिया कि भूकंप कैसे आता है , लेकिन भूकंप क्यों आता है ?

यह जानना जरुरी है , मान लीजिये कि किसी power-plant में एक बहुत बड़ा विस्फोट हो जाता है |

तब सबसे important प्रश्न यह होगा कि विस्फोट क्यों हुआ ?

ऐसी क्या गलती हुयी जिसके कारण विस्फोट हुआ ?

विस्फोट कैसे हुआ , यह सिर्फ एक process को समझाता है लेकिन विस्फोट क्यों हुआ , यह एक अलग प्रश्न है

इस सवाल कि आवश्यकता क्यों है ?

जब हमने जान लिया कि भूकंप आने का कारण tectonic plates का टकराना है और उसका कारण convective current है |

फिर तो भूकंप आना एक natural process है , तब इस प्रश्न का कोई अर्थ ही नहीं रहा कि भूकंप क्यों आया ?

वह तो आएगा ही ? इसके पीछे किसी कि गलती नहीं है , बल्कि यह तो natural है |

यह सवाल तो ठीक है लेकिन इस सवाल पर थोड़ा और विचार करने कि जरुरत है |

भूकंप प्राचीन समय में तो नहीं आते थे , यह भूकंप आजकल ही क्यों आते हैं ?

यदि Wikipedia के अनुसार देखें तो भारत में सबसे पुराना भूकंप 1505 ईस्वी में आया , इस से पहले भूकंप तो नहीं आते थे |

कई जगह यह भी सुनने को मिलता है कि ग्रीक mythology में पुराने समय में भूकंप को लोग देवताओं या भगवान का प्रकोप मानते थे |

इसका मतलब कि उस समय भी भूकंप आता था |

लेकिन सवाल यहाँ पर अभी भी बनेगा कि भारत के प्राचीन इतिहास में भूकंप का जिक्र नहीं  है , कम से कम आज की तरह लगातार छोटे, बड़े भूकंप आने का इतिहास तो बिलकुल भी नहीं है |

फिर आज यह भूकंप कि प्रक्रिया बढ़ क्यों गयी ?

यदि भूकंप का आना natural मान ले तब भी प्रश्न खड़ा होगा कि यह प्रक्रिया बढ़ी क्यों ? जैसे बारिश आना natural है लेकिन यदि बहुत ज्यादा बारिश आने लग जाये तब एक प्रश्न उठेगा कि यह प्रक्रिया बढ़ी क्यों ?

इस क्यों का जवाब भारत के ही कुछ वैज्ञानिकों ने खोजा है |

आइये जानते हैं कि भूकंप क्यों आते हैं ?

Einstein Pain Waves और भूकंप

भूकंप,भूकंप कैसे आता है,Einstein Pain wave,pain wave theory,keral bhukamp, keral disaster, bis theory

दिल्ली विश्वविद्यालय के तीन वैज्ञानिकों प्रोफेसर मदन मोहन बजाज , प्रोफेसर विजयराज और डॉक्टर इब्राहिम ने मिलकर 1995 में रूस में एक रिसर्च present कि जिसमे उन्होंने Prove किया कि भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाएं आने का कारण है , Einstein Pain waves |

इसे bis theory नाम भी दिया गया है |

ये Einstein Pain Waves तब emit होती है जब भी किसी पशु को मारा जाता है |

तब उसकी pain से भी एक wave निकलती है |

इन वैज्ञानिकों के अनुसार जब बहुत अधिक मात्रा में पशुओं को मारा जाता है तब ये waves और ज्यादा intensify हो जाती है |

जिसके कारण ही भूकंप आता है |

लेकिन इन waves का भूकंप आने के पीछे कारण क्या है इसे हम आगे देखेंगे |

सबसे पहले इस Einstein pain wave थ्योरी के बारे में कुछ facts देख लेते हैं –

  • इस Theory के अनुसार एक बूचड़खाने से निकलने वाली pain wave कि energy लगभग 1040 KW तक होती है |
  • Einstein Pain wave ओजोन परत को भी नुकसान पहुंचती है |
  • Pro. मदन मोहन बजाज ने इस theory को mathematically भी prove किया है |
  • इन्ही waves के कारण earth crust में radon गैस release होती है |

Einstein ने कभी pain waves के बारे में बात नहीं की लेकिन शायद इस विषय में वे कुछ कार्य करना चाहते थे , सम्भव है इसलिए उनके सम्मान में इसका नाम Einstein pain wave रखा गया हो |

जैसा कि हमने बताया कि भूकंप का कारण Convective Currents है |

इन वैज्ञानिकों के अनुसार Radon गैस रिलीज होने के कारण ही Tectonic Plates टकराती हैं |

इसलिए शायद यह सम्भव है कि radon गैस के release होने से इन प्लेट में फिसलन कि गति बढ़ जाती हो , जिस से उनमे टक्कर भी बढ़ जाती है |

कुछ चीन और जापान के वैज्ञानिकों ने रेडॉन गैस के release होने के कारण भूकंप आने को Experimentally भी Verify किया है |

ऐसे में हम मान सकते हैं इन वैज्ञानिकों कि रिसर्च सही दिशा में हो सकती है |



इस Pain Wave Theory के पक्ष में कुछ Important Facts भी देखें

कुछ ऐसे तथ्य भी है जो इनकी रिसर्च को support करते हैं , हालांकि ऐसे कई तथ्य इन वैज्ञानिकों ने भी बताये है |

यहाँ हम खुद से खोजे हुए कुछ महत्वपूर्ण तथ्य  देखते हैं –

  • माना जाता है कि इसा से 2000 से 7000 वर्ष पहले सहारा रेगिस्तान में न सिर्फ पशु , पक्षी और जानवर रहते थे बल्कि वहां इंसानों कि बस्तियां भी थी , यहाँ के लोगो में शिकार खेलने कि प्रवृत्ति ज्यादा थी , और कहा जाता है कि उस समय वहां शिकार खेलना बहुत अधिक बढ़ गया था , सम्भव है कि इस कारण आज यह जगह एक रेगिस्तान में तब्दील हो गयी हो
  • यह बात सब जानते हैं कि नेपाल में आये भूकंप से पहले वहां पर एक बहुत बड़ा festival होता था जिसमे बहुत सरे भैसों कि बलि दी जाती थी , कुछ लोगों के द्वारा इसे दुनिया में सबसे बड़ा पशु बलि का festival भी कहा जाया है , इसके बारे में आप जानने के लिए इस video को देख सकते हैं , इसका नाम था गढ़ीमाई festival , सम्भव है कि इसके कारण ही नेपाल में भूकंप आया हो |
  • कहा जाता है कि मुगलों के भारत में आने से पहले देश में कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा नहीं आयी , जबकि पिछले 300 सालों में ऐसी आपदाएं लगातार बढ़ी है |

इस रिसर्च के अनुसार यदि माना जाये तब भूकंप का कारण अत्यधिक मात्रा में पशुओं कि हत्या है जिस से भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाएं आती है |

हमने आपको इस बारे में अपनी जानकारी के अनुसार बताया |

हालाँकि इस बारे में अभी और रिसर्च करने कि जरूरत है |

यहाँ पर एक प्रश्न भी उठ सकता है कि यदि भूकंप और प्राकृतिक आपदाएं जानवरो कि बेरहमी से हत्या करने के कारण आती है , यानि उनके दर्द से निकलने वाली pain wave के कारण आती है तब अनेकों मांसाहारी जानवर , हमेशा से शाकाहारी जानवरों को मारकर खाते आये हैं , तब इस हिसाब से पहले भी भूकंप इसी तरह आने चाहिए थे ? लेकिन पहले भूकंप आदि नहीं आते थे |

इस प्रश्न का समाधान है

प्रकृति में हमेशा संतुलन बना रहता है , जैसे हमारे शरीर में कई कोशिकाएं नष्ट होती रहती है और कई कोशिकाएं नयी बनती रहती है , यदि नष्ट होने वाली अधिक बढ़ जाये तो हमारा शरीर पहले ही बूढ़ा दिखने लग जायेगा , इसी तरह जानवरों में यह होने वाला व्यवहार पहले भी होता था और होता रहेगा , लेकिन आज यह व्यवहार हम इंसानों ने भी अपनाकर इसे बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है जिस से संतुलन बिगड़ता है और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती है |

प्रोफेसर मदन मोहन बजाज ने अपनी रिसर्च से related चार पुस्तके लिखी है |

हमें लगता है कि भविष्य में इस रिसर्च पर वैज्ञानिक सहमत होंगे |

यदि इस विषय पर हमें और अधिक जानने को मिला तो हम आगे की पोस्ट में जरूर बताएँगे |

ऐसे ही और भी हिंदी articles यहाँ पढ़ें

Related Post

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


error: Content is protected !!