Black Hole होता ही नहीं , Indian Scientist ने prove किया

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Black Hole यानि कृष्ण विवर के बार में लगभग सभी जानते ही है , लेकिन फिर भी पहले बता देना जरुरी है कि black hole क्या होता है |

black hole स्पेस में एक ऐसा Object है जिसकी gravity इतनी strong है कि light भी उसकी surface से निकल नहीं पाती , यानि कि ब्लेक हॉल की escape velocity प्रकाश की गति से अधिक होती है , इसकी इतनी अधिक ग्रेविटी के कारण यह भी माना जाता है कि इसका पूरा mass एक point में समा जाता है , जिसे singularity कहते है , और जहाँ physics का कोई भी law काम नहीं करता |

आज science की दुंनिया में black hole इतना famous topic बन चूका है कि इसके ऊपर बहुत सारी science fiction के वीडियो बनते रहते है और इस के आधार पर time travel की बातें भी की जाती है |

black hole के concept पर एक movie भी बन चुकी है जिसका नाम है Interstellar , इस तरह science का ये topic आज हर व्यक्ति लगभग जानता है , इस से जुडी science fiction के कारण ही हर व्यक्ति  इसे जानना चाहता है , खैर , यह तो हुयी ब्लेक हॉल की बात लेकिन भारतीय वैज्ञानिक Professor Abhas Mitra जी ने अपनी research से इस black hole theory को नकार दिया है , और उन्होंने इस object का सही रूप बताया है और इसे नाम दिया है Eternal collapsing object.



तो आइये सबसे पहले हम जानते हैं कि इन भारतीय वैज्ञानिक ने कैसे black hole theory के concept को गलत prove किया –

How Black Hole Disproved

1998 में भारतीय वैज्ञानिक Professor Abhas Mitra जी ने बताया कि जिस mathematical black hole को माना जा रहा है , वो practically exist नहीं करता |

जो ब्लेक हॉल observation में आ रहे है वो Mathematical black hole नहीं है बल्कि ये Quasi black holes है ,Practically black hole होता ही नहीं , बल्कि जिन black holes को खोजा गया है वे Black holes नहीं बल्कि मित्रा जी की theory में उन्हें ECO यानि की Eternally Collapsing Object कहा गया है |

सन् 2000 में मित्रा जी का “Research Paper” Foundation of Physics में छपा , जिसमे उन्होंने mathematically भी ये Prove किया कि black hole नहीं होता , बल्कि ये Objects ब्लेक हॉल से अलग होते हैं जिन्हे ECO कहा गया |

आइये हम जानते हैं कि ये ECO क्या है –

Eternal Collapsing Object

ये एक ऐसा object है जो सूरज की तरह ही आग का गोला है , यानि की यह एक बहुत बड़ा star होता है जो दिखने में Mathematical black hole की तरह होता है लेकिन इस star से बहुत कम Photons इसकी surface से निकलते है |

इसकी ग्रेविटी ज्यादा होने के कारण इसकी heat और light इसकी surface से बहुत कम निकल पाती है , यानि कि Trillions में से कोई एक photon निकलता है |

इन objects का temp. बहुत ही ज्यादा होता है , हमारे सूरज से भी लाखो गुना ज्यादा हो सकता है , इस object में से radiation भी निकलता रहता है और इसकी बहुत Strong Magnetic Field होती है |

इसमें बाकि stars की तरह ही gravity और radiation force दोनों होते है , radiation force इस object पर बाहर की ओर लगता है और gravity अंदर की तरफ से , Strong magnetic field के कारण ही इसे Magnetospheric eternal collapsing object कहते है |

इसमें singularity नहीं होती और ब्लेक हॉल की तरह event horizon और apparent horizon भी नहीं होता , यह अपने आप में लगातार collapse होता रहता है , लेकिन जैसे जैसे ये collapse होता है वैसे वैसे इसकी collapsing rate कम होती जाती है |



इसलिए इसे पूरी तरह singularity की stage तक पहुँचने में infinite time लगेगा यानि कि eternally ये collapse होता रहेगा या कहें कि कभी singularity को achieve ही नहीं कर पायेगा |

इसीलिए इसे Eternally Collapsing Object कहते हैं |

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Difference Between Black Hole And ECO

Finally ब्लेक हॉल और ECO दोनों में अंतर् क्या है ये जानना जरुरी है तो आइये देखते हैं इस दोनों में क्या difference है –

  1. ब्लेक हॉल एक mathematical concept है जो Practically exist नहीं करता , जबकि observations suggest करते हैं कि जिन्हे ब्लेक हॉल माना जा रहा है वे ECO ही है |
  2. ECO में Strong Magnetic Field होती है , जबकि ब्लेक हॉल में magnetic field नहीं होती , कुछ लोगों के अनुसार इसमें Low magnetic field होती है |
  3. ब्लेक हॉल की surface से photon escape नहीं कर सकते , जबकि ECO से बहुत कम photons escape कर सकते है  |
  4. Black Hole में event horizon और apparent horizon माना जाता है बल्कि ECO में ये दोनों नहीं होते |
  5. ब्लेक हॉल में Singularity होती है , जबकि ECO में कोई Singularity नहीं होती |
  6. Black Hole में Physics के laws ही काम करना बंद कर देते है , जबकि ECO में ऐसा नहीं होता |
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Difference between black hole and eternal collapsing object

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Abhas Mitra और स्टीफन हॉकिंग-

1976 में Stephen Hawking ने खुद ही Black Hole Information Paradox बनाया था और खुद ही उसे Solve करने की कोशिश कर रहे थे , जबकि आभास कुमार जी ने Stephen Hawking से 13 साल पहले ही इस paradox को solve कर दिया था |



Stephen hawking ने 2006 में जाकर कहा था कि There are no black holes , जबकि इसे आभास कुमार मित्रा जी ने 2000 में ही prove कर दिया था , हालाँकि Media में चर्चा Stephen Hawking की ही अधिक रही और रहती है लेकिन मित्रा जी के बारे में American वैज्ञानिक Richard A. Muller ने कहा था –

मुझे लगता है मित्रा जी ने ब्लैक हॉल पैराडॉक्स को स्टेफेन हाकिंग से पहले solve कर दिया है , और एक  superior way में solve किया है |

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Source-Times Of India

2014 में Australia के Radio Channel SBS ने Abhas Mitra जी का Interview लिया था जिसे आप यहाँ सुन सकते हैं , इसमें मित्रा जी ने इस बात का भी दुःख व्यक्त किया है कि हमारे भारतीय ही भारतीय वैज्ञानिको को कम Support करते हैं , Ignore करते है |

वास्तव में मित्रा जी की ये बात सच भी है कि हमारी मानसिकता बन चुकी है कि बाहर के वैज्ञानिक या विद्वान् जो बात कहें हम उन बातों को अधिक महत्व देते हैं और ज्यादा प्रामाणिक मानते हैं |

इस तरह ये हम भारतवासियों के लिए एक गर्व का विषय है कि हमारे भारतीय वैज्ञानिक ने ही Black Hole को गलत proof किया और एक नयी Theory दी है |

हमारा निवेदन है की इस जानकारी को आप अधिक से अधिक Share करे , ताकि सबको इस बारे में पता चले |

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